
हजारीबाग | देशभर में अब युवाओं के बीच यूपीएससी यानी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को लेकर नया ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां छात्र ग्रेजुएशन के बाद तैयारी शुरू करते थे, वहीं अब कई विद्यार्थी 12वीं पास करते ही यूपीएससी की तैयारी में जुट रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दी शुरुआत करने से छात्रों को प्रतियोगिता में बढ़त मिलती है और उनकी बुनियाद मजबूत होती है।
सक्सेस गुरु ए. के. मिश्रा ने कहा कि “12वीं पास करना अंत नहीं, बल्कि यूपीएससी यात्रा की शुरुआत है।” उनका मानना है कि अनुशासन, लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर एक सामान्य छात्र भी आईएएस अधिकारी बन सकता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती तैयारी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र एनसीईआरटी आधारित मजबूत आधार तैयार कर लेते हैं। साथ ही ग्रेजुएशन के दौरान लगातार पढ़ाई करने से समय की बचत होती है और परीक्षा का दबाव भी कम महसूस होता है।
इसी दिशा में चाणक्य आईएएस अकादमी छात्रों के लिए विशेष फाउंडेशन कोर्स चला रहा है। संस्थान में प्रारंभिक, मेन्स और साक्षात्कार तीनों चरणों की तैयारी एक ही प्लेटफॉर्म पर कराई जाती है। यहां अनुभवी फैकल्टी, नियमित टेस्ट सीरीज़, करंट अफेयर्स और उत्तर लेखन अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
संस्थान का कहना है कि जल्दी तैयारी शुरू करने से छात्रों को 3 से 4 साल का अतिरिक्त समय मिलता है, जिससे वे बेहतर रणनीति बना पाते हैं। लगातार अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रतियोगिता का डर कम होता है।
चाणक्य आईएएस अकादमी पिछले 33 वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्थान के अनुसार अब तक 5300 से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारी तथा 20 हजार से ज्यादा अन्य प्रशासनिक अधिकारी यहां से मार्गदर्शन प्राप्त कर चुके हैं।
संस्थान की जनरल मैनेजर रीमा मिश्रा के नेतृत्व में “हर घर ऑफिसर” अभियान भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर देकर उन्हें प्रशासनिक सेवा के लिए तैयार करना है।
संस्थान का मानना है कि सही दिशा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से हर छात्र अपने सपनों को पूरा कर सकता है। यही वजह है कि आज चाणक्य आईएएस अकादमी हजारों युवाओं के लिए सफलता की पहली सीढ़ी बनता जा रहा है।
