
चतरा समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC/DLRAC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकों के कार्यों, वार्षिक ऋण योजना (ACP), क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (CD Ratio), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) ऋण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) सहित विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं एवं वित्तीय समावेशन से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि वित्तीय समावेशन शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं को प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के खातों में शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे वित्तीय धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा। उन्होंने बैंक मित्रों (BC) को सक्रिय भूमिका निभाते हुए पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के अंतर्गत कुछ बैंकों की शून्य प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को शीघ्र लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही वार्षिक ऋण योजना (ACP) के अंतर्गत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण की प्रगति एवं आ रही बाधाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले का वर्तमान क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (CD Ratio) 31.54 प्रतिशत है, जो निर्धारित लक्ष्य 40 प्रतिशत से कम है। इस पर उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों को प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने, पात्र लाभुकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी , जिला परिषद उपाध्यक्ष बृज किशोर तिवारी, डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रतिनिधि, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM), जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM), विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, जेएसएलपीएस के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), आरसेटी निदेशक सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
