
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की शाखा से हुई सनसनीखेज लूट की वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। चार हथियारबंद अपराधियों ने दोपहर सवा तीन बजे बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर 4.22 लाख रुपये नकद और लगभग 4 किलोग्राम सोना (78 पैकेट, वजन 3.987 किग्रा) लूट लिया था। कर्मचारियों को स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दो पल्सर बाइकों से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर बरही थाने में मामला दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद और अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में सीसीटीवी फुटेज, आसूचना और सीमावर्ती जिलों से समन्वय स्थापित कर छापेमारी शुरू की। काले स्कॉर्पियो (नंबर BR-01 HN-2024) से रेकी की पुष्टि हुई और अपराधियों की तलाश बिहार, यूपी, प. बंगाल, उत्तराखंड तक फैली। वहीं अंजलि कुमार विमल की अगुवाई वाली टीम ने भेष बदलकर अपराधियों का पीछा किया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के राजभर बस्ती, हरुआ रिंग रोड पर यूपी STF के सहयोग से स्कॉर्पियो को घेर लिया। तीनों अपराधी सीसीटीवी से मिले फुटेज से पकड़े गए। तलाशी में 912.22 ग्राम पिघला सोना, 20 लाख रुपये, लूटे आभूषण और वाहन बरामद हुए। गया रेलवे स्टेशन से दोनों बाइकें जब्त की गईं , लेकिन दो अन्य फरार अपराधी अभी फरार हैं। गिरफ्तार अपराधियों मे पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (39 वर्ष): गोरखपुर (यूपी) का रहने वाला, गिरोह का सरगना। वहीं मो. अफजल (36 वर्ष): नवादा (बिहार) से। और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (35 वर्ष): मऊ (यूपी) का है । ये लंबे समय से बैंक लूट में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं। बतादें की अपराधियों ने ओडिशा की बैंक लूट से प्रेरित होकर लक्ष्य चुना। 3-4 माह पहले व्हाट्सएप पर संपर्क कर 2 माह पूर्व रेकी शुरू की। 17 अप्रैल को पहली कोशिश नाकाम रही, क्योंकि पुलिस गश्त थी। 24 को अलग-अलग रास्तों (गया, नवादा, धनबाद) से पहुंचे, पिस्टल/देशी कट्टा से धमकी दी, अलार्म काटा। लूट के बाद गया में माल बांटा और छिप गए। FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संग्रहित किए। अपराधियों का लंबा अपराधिक इतिहास
पंकज सिंह: प. बंगाल (जगाचा, बेनियापुकुर), गयाजी, उत्तराखंड में 5 लूट/आर्म्स केस।
मो. अफजल: प. बंगाल, गयाजी, हसुआ में 5 मामले, जिसमें कॉपीराइट/ट्रेडमार्क भी।
सौरभ यादव: गयाजी, प. बंगाल, गर्दनीबाग में 3 लूट केस।
हजारीबाग पुलिस की इस सफलता से अपराधियों में सनसनी फैल गई है। फरार अपराधियों की तलाश तेज, पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद।
