
चतरा | बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बुधवार को चतरा जिले का दौरा कर कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध,नक्सल गतिविधियों की वर्तमान स्थिति तथा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन,नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा पुलिसिंग को और अधिक परिणामोन्मुख बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
चतरा आगमन पर पुलिस महानिरीक्षक को समाहरणालय परिसर में आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके उपरांत समाहरणालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में रामगढ़ एवं चतरा जिले के वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी,सभी पुलिस निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा सभी थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण,अनुसंधान की गुणवत्ता, लंबित मामलों के निष्पादन,नशा तस्करी,संगठित अपराध और संवेदनशील क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि जिले में लंबित मामलों, विशेष रूप से संगठित अपराध और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े कांडों की बिंदुवार समीक्षा की गई है।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व हजारीबाग जिले के मामलों की भी समीक्षा की जा चुकी है तथा अब पूरे बोकारो प्रक्षेत्र में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुसंधान में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा और सभी पुलिस पदाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजी ने कहा कि झारखंड के कई जिलों में अवैध अफीम की खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस लगातार व्यापक अभियान चला रही है। चतरा पुलिस द्वारा हाल के दिनों में की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध अफीम की खेती,मादक पदार्थों की तस्करी एवं इससे जुड़े संगठित अपराध में संलिप्त व्यक्तियों की चल एवं अचल संपत्तियों का चिन्हित कर उन्हें जब्त (सीज) करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा, ताकि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को कानून के दायरे में लाकर अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। उन्होंने कहा कि अपराधियों की आर्थिक शक्ति समाप्त होने पर ऐसे संगठित गिरोह स्वतः कमजोर पड़ेंगे।
आईजी ने दो टूक कहा कि जो अपराधी बार-बार कानून तोड़ रहे हैं,उनके विरुद्ध और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून में उपलब्ध सभी प्रावधानों का उपयोग करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अपराध में संलिप्त लोगों से समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि अपराध का रास्ता अंततः विनाश की ओर ले जाता है,जबकि समाज और राष्ट्र के विकास में सहभागी बनना ही प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। इसलिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों,शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे नशा उन्मूलन अभियान में पुलिस का सहयोग करें तथा अपने आसपास होने वाली अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आईजी ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार,अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी अभियोजन,फरार आरोपियों की गिरफ्तारी,वारंट एवं कुर्की की कार्रवाई में तेजी, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्ती अभियान,खुफिया तंत्र को और मजबूत करने तथा आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने चतरा पुलिस द्वारा संगठित अपराध, अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस टीम बेहतर कार्य कर रही है। हालांकि,उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल कार्रवाई नहीं,बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की रणनीति पर कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार सिंह, सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब, चतरा एसडीपीओ सन्नी वर्धन, टंडवा एसडीपीओ प्रभात कुमार रंजन, रामगढ़ एवं चतरा जिले के सभी पुलिस निरीक्षक,सभी थाना प्रभारी तथा अन्य वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने,संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के समूल उन्मूलन के लिए समन्वित, समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया।
