
चतरा समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला टास्क फोर्स (District Task Force) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (VBDC) श्री अभिमन्यु ने जनवरी से जून 2026 तक जिले में मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में मलेरिया जांच, उपचार, निगरानी, जन-जागरूकता एवं अन्य नियंत्रण गतिविधियों का नियमित संचालन किया गया है।उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में मास फीवर सर्वे (Mass Fever Survey) चलाया जाएगा। अभियान के दौरान बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की सक्रिय पहचान कर उनकी मलेरिया जांच एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके उपरांत मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में इनडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) के द्वितीय चरण का संचालन किया जाएगा, ताकि मच्छरों की संख्या में कमी लाकर संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री रवि आनंद ने निर्देश दिया कि वर्ष 2025 में जिन क्षेत्रों में मलेरिया के पॉजिटिव मामले सामने आए थे, वहां प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता से स्वच्छता अभियान संचालित करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से IRS कार्य सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में यदि किसी छात्र-छात्रा में बुखार के लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र भेजकर मलेरिया की जांच एवं आवश्यक उपचार कराया जाए, ताकि संक्रमण का समय रहते पता लगाकर उसके प्रसार को रोका जा सके। इसके साथ ही नगर परिषद को शहरी क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, स्वच्छता अभियान, जलजमाव की रोकथाम तथा IRS गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए चतरा को मलेरिया मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य की दिशा में सक्रिय एवं प्रतिबद्ध प्रयास करने का आह्वान किया। बैठक में सिविल सर्जन, उपाधीक्षक (डीएस), जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC), मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक (MTS) सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
