
कान्हाचट्टी (चतरा): कान्हाचट्टी प्रखंड का कान्हाकला गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। गांव को जोड़ने वाली कान्हा कान्हाकला-चोरट-आमतीय सड़क पिछले 5 से 6 वर्षों से जर्जर पड़ी हुई है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क तीन गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत या निर्माण नहीं होने के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता, विधायक और मंत्री गांव में आकर सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद न तो उनकी सुध ली जाती है और न ही गांव की समस्याओं का समाधान होता है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने सड़क की बदहाल स्थिति की जानकारी कई बार बीडीओ, सीओ और उपायुक्त (डीसी) को दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों के अनुसार, यदि गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए तो खराब सड़क के कारण एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को चारपाई या लोगों के सहारे उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज मिलने में कठिनाई होती है।इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि तीनों गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
कान्हाचट्टी संवादाता नितेश कुमार सिंह
