
Chatra : समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त-सह-अध्यक्ष जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) चतरा रवि आनंद की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सांसद, चतरा लोकसभा क्षेत्र कालीचरण सिंह, माननीय विधायक सिमरिया उज्ज्वल कुमार दास, माननीय विधायक चतरा जनार्दन पासवान, विधायक बड़कागांव रोशन लाल चौधरी एवं माननीय सांसद हजारीबाग प्रतिनिधि श्री रविन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित किए जाने वाले विभिन्न जनोपयोगी एवं विकासात्मक योजनाओं को अनुमोदित किया गया। साथ ही पूर्व से डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना हेतु जिले के सभी 153 खनन प्रभावित पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर योजनाओं को पारित किया गया। 21 मई से 23 मई 2026 तक आयोजित ग्राम सभाओं से प्राप्त प्रस्तावों को 25 मई 2026 को प्रबंधकीय समिति द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद शासी परिषद के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 की लंबित योजनाओं को भी वर्तमान वार्षिक योजना में शामिल किया गया। बैठक में कुल 722 जनोपयोगी योजनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में शुद्ध पेयजल व्यवस्था, वाटर चिलर, डिजिटल पुस्तकालय, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित प्रयोगशाला, आभासी वास्तविकता प्रयोगशाला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला, खेल सामग्री, ओपन जिम, अतिरिक्त वर्ग कक्ष, खेल मैदान उन्नयन एवं इंडोर स्टेडियम निर्माण संबंधी योजनाओं को स्वीकृति दी गई। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मूल्यांकन, अधिगम अंतर विश्लेषण एवं “भाषा सेतु” योजना को भी अनुमोदित किया गया। जिले के 1119 विद्यालयों में तड़ित चालक अधिष्ठापन, 1133 विद्यालयों में रनिंग वाटर के साथ वाटर चिलर अधिष्ठापन तथा 1114 विद्यालयों में चाहरदीवारी निर्माण संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
महिला एवं बाल विकास क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, मरम्मति, पेयजल व्यवस्था, स्मार्ट लर्निंग उपकरण, प्री-स्कूल किट, खेल सामग्री, ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण, मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षण केंद्र स्थापना संबंधी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में 1017 आंगनबाड़ी केंद्रों में स्मार्ट लर्निंग उपकरण, 850 केंद्रों में आरओ/वाटर फिल्टर, 804 केंद्रों में खेल सामग्री तथा 842 केंद्रों में बाला पेंटिंग कार्य कराने संबंधी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल एवं विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, मॉड्यूलर गहन चिकित्सा इकाई, ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन, केंद्रीय स्टेराइल आपूर्ति विभाग, लैप्रोस्कोपी सेट, फंडस कैमरा, नेत्र सूक्ष्मदर्शी, स्वचालित जैव रसायन विश्लेषक, प्रतिरक्षा परीक्षण विश्लेषक सहित अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति एवं अधिष्ठापन संबंधी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही कुपोषण उपचार केंद्र उन्नयन, एनीमिया जांच उपकरण, गर्भवती महिलाओं हेतु एएनसी किट एवं फर्नीचर उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया।
बैठक के दौरान संविदा आधारित चिकित्सकों के मानदेय भुगतान में विलंब का मामला भी उठाया गया। इस पर उपायुक्त ने गंभीरता व्यक्त करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की पांच तारीख तक सभी संविदा चिकित्सकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति के अनुसार जो भी देय मानदेय बनता है, उसका समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।
कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन के तहत ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र, आजीविका केंद्र, एकीकृत ग्रामीण उद्यमिता क्लस्टर, मत्स्य पालन योजना, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, आपदा प्रबंधन केंद्र एवं गोताखोर प्रशिक्षण केंद्र स्थापना संबंधी योजनाओं को स्वीकृति दी गई। साथ ही स्थानीय कलाकारों के लिए कला एवं संस्कृति केंद्र, टिश्यू कल्चर जरबेरा फूल खेती, सर्व मौसम पौधशाला तथा छह प्रखंडों में सामुदायिक कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र निर्माण संबंधी योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।
कृषि क्षेत्र अंतर्गत सोलर लिफ्ट सिंचाई, मल्टी लेयर फार्मिंग, उच्च मूल्य फसल उत्पादन, सोलर कोल्ड रूम, वन उत्पाद प्रसंस्करण इकाई, बटरफ्लाई गार्डन, सोलर रोबोटिक पंप सेट एवं पशुधन संवर्धन से संबंधित योजनाओं को भी अनुमोदित किया गया।
बैठक में पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा के तहत विभिन्न प्रखंडों में कुल 46 एचवाईडीटी नलकूप अधिष्ठापन संबंधी प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। वहीं लावालौंग प्रखंड अंतर्गत 13 ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण एवं मरम्मति कार्यों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त नगर परिषद चतरा क्षेत्र के वार्ड 1 से 22 तक को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित करने, कुल वार्षिक संग्रह राशि का 10 प्रतिशत राष्ट्रीयकृत बैंक में निधि कोष के रूप में निवेश करने, नए परियोजना प्रबंधन इकाई गठन, स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक आधारित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा सार्वजनिक पुस्तकालयों में पुस्तक आपूर्ति संबंधी प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया। वहीं उपस्थित जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं एवं आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव रखने हेतु आमंत्रित किया गया। उपायुक्त ने कहा कि बैठक में जिन योजनाओं को अनुमोदित किया गया है, उन्हें नियमानुसार जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का कार्य किया जाएगा, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि चयनित सभी योजनाओं की सूची समाहरणालय एवं प्रखंड मुख्यालय के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाएगी, जिससे आमजन अपने पंचायत हेतु चयनित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें। बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, वन्य प्राणी प्रमंडल हजारीबाग के वन प्रमंडल पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी उत्तरी राहुल मीणा, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, सभी कार्यकारी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता, खनन प्रभावित क्षेत्र के मुखिया समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
