
चतरा जिले में कांग्रेस की जड़ें कटने की कगार पर हैं। पूर्व जिला महासचिव राज वीर ने वर्तमान जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप ठोक दिए हैं। उनका कहना है कि राजद से आये इस ‘बाहरी’ नेता को आलाकमान ने जिले की बागडोर सौंप दी, और नतीजा? पार्टी खत्म होने की कगार पर!
छह महीने गुजर गये, जिला कांग्रेस कमेटी का गठन तक नहीं हुआ। जिला कार्यालय पर ताला लटका पड़ा है—महीनों से। न बैनर, न झंडा, न अध्यक्ष की परछाईं। कार्यकर्ता गुस्से से फूट रहे हैं। “गैर-कांग्रेसी कुर्सी पर बैठा है, हम समर्पित कांग्रेसी सड़कों पर भटक रहे,” यही उनकी पीड़ा है।
नगर परिषद चुनाव में तो हद हो गई—निष्क्रिय उम्मीदवार को समर्थन, समर्पित कार्यकर्ता को निलंबन! राज वीर बोले, “झारखंड प्रदेश कांग्रेस चतरा को कांग्रेस-मुक्त करने का प्लान चला रही लगती है। आलाकमान की चुप्पी दिल दहला रही।”
