
चतरा सदर थाना क्षेत्र के दारियातू पंचायत अंतर्गत कमात गांव में चोरों ने जमकर उत्पात मचाया है। चोरों नें एक बंद घर को निशाना बनाते हुए घर में छीपाकर रखे लाखों रुपये मूल्य के जेवरात, नकदी और अन्य सामान की चोरी कर ली है। मामले को लेकर पीड़ित रंजीत सिंह ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।थाना को दिए आवेदन में रंजीत सिंह ने कहा है कि 19 जून की शाम करीब चार बजे वे गांव से एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए घर में ताला बंद कर पलामू के पांकी गए थे। जहाँ समारोह में शिरकत करने के बाद रात करीब 2:50 बजे जब वे वापस लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा एवं अंदर के कमरों के ताले टूटे हुए मिले। घर के अंदर प्रवेश करने पर सामान बिखरा पड़ा था और गोदरेज सहित अन्य अलमारियों के ताले भी टूटे हुए थे। पीड़ित के आवेदन के अनुसार चोरों नें घर में रखे सोने के मंगलसूत्र, चार बाला, दो अंगूठी, सोने का सिक्का, बिछिया, चांदी का पायल, सोने की चेन, कान का झुमका, चांदी का दो कटोरा, चांदी के 10 सिक्के, चांदी का 10 पान पत्ता, पांच मछली सहित अन्य आभूषण एवं करीब 3500 रुपये नगद समेत करीब आठ लाख रुपये का सामान चुराया है। रंजीत सिंह ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि गांव में एक संदिग्ध चार पहिया वाहन घटना के दौरान घर के आस-पास घूमता देखा गया है। जिस पर कुछ लोगों के होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आशंका जताई है कि चोरी की घटना में उसी वाहन से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। पुलिस को उन्होंने कुछ संदिग्धदों व की जानकारी उपलब्ध कराने की बात भी कही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस तरह कि भीषण चोरी की घटना से लोगों में भय व्याप्त है और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई कर अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए। गौरतलब है कि पीड़ित रंजीत सिंह के छोटे पुत्र सतीश सिंह भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) में आगरा में तैनात है।
*हर संभावित पहलू की हो रही जांच, जल्द होगा खुलासा : एसडीपीओ*
इधर इस मामले में एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने कहा कि सदर थाना में प्राप्त आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही मामले का उद्भेदन कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। चोरी में शामिल अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी एवं मानवीय स्रोतों की मदद ली जा रही है।
