
Chatra : कान्हाचट्टी के लारा लुत्तुदाग गांव में रविवार रात एक ऐसा खौफनाक सीन हुआ, जिसने पूरे इलाके को सिहरा दिया। कुलेश्वर यादव उर्फ कुली यादव, जो अपने परिवार का सहारा थे, उसी बेटे और बहू के हाथों मारे गए। पारिवारिक झगड़े की आग में जलकर बेटा भूल गया कि पिता का आंचल कभी नहीं छूटता। गला दबाया, लोहे की पाइप से चोटें मारीं—ये क्रूरता किसी दुश्मन की नहीं, अपने खून की लगती है। 11 मई को राजपुर थाना पहुंची सूचना ने पुलिस को झकझोर दिया। FIR दर्ज हुई धारा 109(1), 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत। चतरा SP के आदेश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की अगुवाई में टीम बनी, और मात्र 24 घंटों में बेटा-बहू दोनों को दबोच लिया। गांव के ही लारा लुत्तुदाग के ये आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं। थाना प्रभारी रूपेश कुमार कहते हैं, बाकी अपराधियों की तलाश तेज हो गई है। लेकिन सवाल वही—खून के रिश्ते इतने काले कैसे हो जाते हैं? गांव में आज भी दहशत का साया है, हर घर में ये दर्द गूंज रहा है।
कान्हाचट्टी संवादाता नितेश कुमार सिंह
