
लावालौंग/चतरा : सिलदाग पंचायत के नावाडीह निवासी बीरेंद्र कुमार ने शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद रक्तदान कर समाज के सामने मानवता और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उनका यह कदम यह साबित करता है कि यदि मन में दूसरों की मदद करने का जज्बा हो तो कोई भी शारीरिक चुनौती सेवा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।बताया जाता है कि बीरेंद्र कुमार ने जरूरतमंद मरीज की सहायता के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्तदान के बाद उन्होंने लोगों से भी समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की। उनका कहना है कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।स्थानीय लोगों ने बीरेंद्र कुमार के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग होने के बावजूद उनका यह कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। जहां कई सक्षम लोग रक्तदान से पीछे हट जाते हैं, लेकिन वीरेंद्र ने 16 वीं बार रक्त दान किया है। तथा ये मानवता का परिचय दिया है।ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रयास से समाज में सेवा, सहयोग और रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है। बीरेंद्र कुमार का यह कार्य न केवल जरूरतमंद की मदद है, बल्कि युवाओं को भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने वाला कदम है।उनके इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है और लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
रिपोर्टर मो0 साजिद
