
चतरा : उपायुक्त ने अवैध संचालित मां भद्रकाली स्टोन क्रेशर को डीएमओ के मौजूदगी में सील कर दिया है। अवैध तथा गाइडलाइन को धत्ता बताते हुए संचालित क्रेशर ऑनर के विरुद्ध जिले के गड़के गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर अवैध रूप से संचालित मां भद्रकाली स्टोन क्रेशर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि यह क्रेशर गलत खाता-प्लॉट दर्शाकर दूसरे स्थान पर संचालित किया जा रहा है। जिससे प्रशासन की आंखों में धूल झोंका गया।आवेदन में बताया गया है कि क्रेशर के करीब उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और निजी स्कूल के अलावे पास में वन विभाग मौजूद है और संचालित किया जा रहा हैं। क्रेशर से निकलने वाली धूल कण और प्रदूषण के कारण बच्चों व ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं भारी वाहनों के परिचालन से ग्रामीण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि क्रेशर जंगल क्षेत्र से मात्र लगभग 200 मीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है, जो प्रशासनिक नियम का खुलेआम उल्लंघन है। आवेदन में कहा गया है कि गांव की घनी आबादी के बीच क्रेशर संचालन से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है तथा कई लोग बीमार पड़ रहे हैं।ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध क्रेशर को तत्काल बंद कराने और राजस्व चोरी पर रोक लगाने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि जिला खनन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, खनन सचिव एवं राज्यपाल को भी भेजी गई है।जिसे लेकर बीते शाम को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में क्रेशर सील की कारवाई किया गया। हालांकि क्रेशर संचालक जेएमएम नेता ने खूब कसरत किया और चतरा से लेकर रांची तक किसी ने एक नहीं सुनी। जिला में अन्य चल रहे क्रेशर माइंस जिसका समय खत्म होने के बाद भी रात के अंधेरे में गोरख धंधा चलाया जा रहा उसका लिस्ट तैयार कर कारवाई की तैयारी जारी है।
संवाददाता ,प्रवीण कुमार सिंह
