
Chatra : झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त विधान समिति के सभापति सरयू राय के नेतृत्व में समिति द्वारा चतरा जिले के अध्ययन भ्रमण के क्रम में शुक्रवार को परिसदन भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, अधिनियमों एवं नियमों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक से पूर्व चतरा परिसदन पहुंचने पर उपायुक्त श्री रवि आनंद द्वारा सभापति सरयू राय का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। समीक्षा के दौरान समिति ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुपालन एवं प्रचार-प्रसार, नगर पालिका अधिनियम के अनुपालन की स्थिति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी कार्यों, खनन विभाग से संबंधित प्रावधानों विधान के प्रावधानों के प्रचार-प्रसार तथा झारखंड सेवा की गारंटी अधिनियम, 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त लोक अभियोजकों एवं सहायक लोक अभियोजकों को राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुपालन सहित विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए नियमों एवं अधिसूचनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के क्रियान्वयन पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्राप्त आरटीआई आवेदनों, उनके निष्पादन, लंबित मामलों तथा अपीलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। सभापति ने अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर सूचना का अधिकार अधिनियम तथा सेवा की गारंटी अधिनियम आदि से संबंधित सूचना पट्ट (नोटिस बोर्ड) प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।समिति ने उप विकास आयुक्त एवं विभिन्न विभागों के जिला एवं क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, उद्योग विभाग, कल्याण विभाग समेत अन्य विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति तथा जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई। सभापति ने योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर बल दिया। आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र राशन कार्डधारियों को सही वजन एवं निर्धारित समय पर राशन उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए सर्वजन पेंशन योजना यथा विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांगजन पेंशन के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ योजनाओं में मार्च माह तक की राशि लाभुकों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि कुछ योजनाओं में आवंटन उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान लंबित है। बैठक के दौरान जिले में संचालित ईंट भट्टों के संचालन एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। सभापति ने विशेष रूप से ईंट भट्टा से संबंधित पर्यावरणीय स्वीकृति (एनवायरमेंटल क्लियरेंस) की जानकारी प्राप्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों के अक्षरशः अनुपालन पर बल दिया।सभापति ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए तथा सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) राहुल मीणा, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल मनोज मुंडारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
