
चतरा जिला के सिमरिया थाना क्षेत्र के देल्हो गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में सहदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वह शौच के लिए घर से निकले थे, तभी कोल वाहन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद गांव में अफरातफरी मच गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और ट्रांसपोर्टिंग सड़क के निर्माण, मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा तथा दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन के कारण आम लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है। इधर, घटना के करीब तीन घंटे बाद तक पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। पर सवाल यह है कि इतनी रफ्तार में कोल वहान चला रहे चालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती आए दिन सड़क पर चल रहे लोगों की जान जा रही है कई बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया कई की मांग उजड़ गई किसी की गोद सूनी हो गई खबरें तो चलती है मरने वाले को मुआवजा मिलता है पर इसका कोई ठोस कदम प्रशासन द्वारा अब तक नहीं उठाया गया हर बार सड़क हादसे में मौत के बाद सड़क जाम मुआवजा की मांग अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की मांग उठती रहती है पर मुआवजा मिलने के बाद यह सारी मांग ठंडा बस्ती में रख दी जाती है आखिर कब तक इस तरह से लोगों की जान जाती रहेगी अखिल इस सारी घटनाओं की जिम्मेदार कौन हैँ लोगों ने यह भी कहा कि हम जनप्रतिनिधि चुनते हैं पर जनप्रतिनिधि केवल अपने लिए काम करते हैं अपनी झोली भरते हैं करने वाले मरते रहे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता बात तो सही है कि ट्रांसपोर्टिंग सड़क होनी चाहिए आज लंबे समय से चतरा जिला में कोयले की ट्रांसपोर्टिंग हो रही है पर अब तक ट्रांसपोर्टिंग सड़क नहीं है या एक बड़ी सवाल है
