
चतरा में पुलिस ने भाकपा (माओवादी) संगठन को फिर से सक्रिय करने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई में दो युवकों को देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और आगजनी में इस्तेमाल होने वाला सामान के साथ पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को 3 अगस्त को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक कुन्दा से प्रतापपुर-जोरी होते हुए भुईयांडीह घाटी की ओर किसी वारदात को अंजाम देने निकल चुके हैं। इसके बाद विशेष छापामारी दल ने प्रतापपुर-कुन्दा मुख्य मार्ग पर बलवादोहर गांव के पास एंटी-क्राइम चेकिंग शुरू की और पीछा कर दोनों को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे माओवादी जोनल कमांडर मनोहर गंझू के निर्देश पर भुईयांडीह घाटी में फायरिंग कर मालवाहक वाहनों में आग लगाने जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि इसका मकसद इलाके में दहशत फैलाना और संगठन की मौजूदगी दिखाना था।
बरामद सामान
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, करीब एक लीटर पेट्रोल, माचिस, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार युवकों की पहचान कुन्दा थाना क्षेत्र के कोजरम निवासी सुरेन्द्र गंझू (22) और करिल गड़वा निवासी संजय गंझू (20) के रूप में हुई है।
पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चतरा जिले में लगभग खत्म हो चुके माओवादी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है।
