
चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के औरु पंचायत अंतर्गत डटमी गांव में वर्षों से चल रहा पारिवारिक जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान हुई मारपीट में 42 वर्षीय कैलाश यादव की मौत हो जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल है। मृतक की पत्नी एवं पुत्री ने बड़े भाई सहित पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंटरगंज थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डटमी गांव निवासी कैलाश यादव (42 वर्ष), पिता स्वर्गीय जागो यादव, का अपने बड़े भाई एवं अन्य परिजनों के साथ पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि कई बार पंचायत स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हो सका। इसी विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप धारण कर लिया।
परिजनों के अनुसार,विवाद के दौरान कैलाश यादव के साथ लाठी-डंडे एवं अन्य हथियारों से बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए,जबकि आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मृतक की पत्नी और पुत्री ने स्थानीय थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि बड़े भाई विलाश यादव, कमलेश यादव, मिथिलेश यादव तथा परिवार की दो महिला सदस्यों ने मिलकर कैलाश यादव के साथ मारपीट की, जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने सभी आरोपितों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के निर्देश पर एसआई नितेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए तथा शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल,चतरा भेज दिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
इस हृदयविदारक घटना के बाद डटमी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक के घर पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन विवाद का समय रहते समाधान हो जाता, तो संभवतः एक परिवार उजड़ने से बच सकता था। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट,फॉरेंसिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा,उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है कि पारिवारिक एवं पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं,तो वे कभी-कभी बेहद दुखद और हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
