
चतरा के सदर थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात हुई, जो दिल दहला देने वाली है। 6 मार्च 2026 को लापता अनिष कुमार का शव मिला, और खुलासा हुआ कि हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना सगा भाई मनीष था। परिवार का वो बंधन, जो बचपन से साथ निभाया, नशे की लालच में टूट गया। परिजन अभी सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि 7 मार्च को चतरा प्रखंड कार्यालय के पास बंद शौचालय के पास अनिष का शव बरामद हो गया। आंखों में आंसू लिए परिवार ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने तुरंत 9 मार्च को कांड 70/26 धारा 103(1) BNS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और SIT टीम गठित की।
500 घंटे से ज्यादा CCTV फुटेज छाने, फॉरेंसिक सबूत जुटाने और करीबियों से पूछताछ के बाद शक की सुई मनीष पर अटकी। कड़ी पूछताछ में उसने टूटकर कबूल लिया रात के अंधेरे में अनिष नशे की हालत में था। घर चलने को कहने पर भाईयों का झगड़ा हाथापाई बना, धक्के में अनिष गिरा और सांसें थम गईं। डरकर मनीष ने शव को टंकी किनारे रख दिया, ताकि लगे दुर्घटना।
अब मनीष जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन अनिष का परिवार टूट चुका। ये कहानी सिखाती है कि नशा न सिर्फ जिंदगी बर्बाद करता है, बल्कि अपनों को भी दुश्मन बना देता है।
