
चतरा: सिमरिया थाना क्षेत्र के जबड़ा कसारी मोड़ के पास एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां बेलगाम टेलर वाहन ने कमलेश उरांव को कुचलकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। सगली गांव निवासी कमलेश उरांव एनटीपीसी डिप्टी के लिए घर से निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसा इतना भयावह था कि शव की हालत देखकर किसी का भी दिल दहल जाए – पूरा शरीर बुरी तरह कुचल गया। मौके पर उनकी बेटी पूजा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है, पिता के शव से लिपटकर उसकी चीखें हर किसी की आंखें नम कर रही हैं। इस दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया गया। लोगों का साफ कहना है कि ये कोई पहली घटना नहीं है – चतरा की सड़कों पर रोज बेगुनाहों का खून बह रहा है, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। हर बार वही कहानी – मौत, फिर सड़क जाम, फिर मुआवजे का झुनझुना और मामला खत्म! आखिर कब तक यूं ही लोगों की जान जाती रहेगी? भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर लगाम लगाने और बाईपास सड़क बनाने की मांग सालों से हो रही है, लेकिन सिस्टम गहरी नींद में सोया हुआ है। घटनास्थल पर सिमरिया थाना पुलिस मौजूद है और जाम हटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सवाल वही है – क्या सिर्फ समझाने से मौतों का सिलसिला रुकेगा, या कभी कोई ठोस कदम भी उठाया जाएगा
