
चतरा : जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों और बिना लाइसेंस चल रहे नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध कार्यों में लिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, जिले में लगातार भ्रूण हत्या (लिंग चयन आधारित गर्भपात) से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं, जो न केवल कानूनन अपराध है बल्कि सामाजिक रूप से भी गंभीर चिंता का विषय है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस अनैतिक कार्य में सदर अस्पताल से जुड़े कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। सिविल सर्जन ने ऐसे कर्मियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जांच में उनकी भूमिका पाई गई तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सिविल सर्जन ने बिना पंजीकरण के नर्सिंग होम संचालित करने वालों को तत्काल अपना संचालन बंद करने या नियमों के तहत लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों और नर्सिंग होम पर छापेमारी की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “यह मानवता के खिलाफ अपराध है। इसमें संलिप्त लोगों को हर हाल में चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध अल्ट्रासाउंड या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि ऐसे कृत्यों पर रोक लगाई जा सके।
संवाददाता ,प्रवीण कुमार सिंह
