
चतरा : जिले में पोषण पखवाड़ा के समापन के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद उपाध्यक्ष ब्रजकिशोर तिवारी व विशिष्ट अतिथि के रूप में डीडीसी अमरेंद्र सिंहा उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। साथ ही गोद भराई, स्वास्थ्य जांच और वृद्धि निगरानी जैसी गतिविधियों के जरिए लाभुकों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष नें आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां आने वाले हर बच्चे को अपने बच्चे जैसा स्नेह, सुरक्षा और देखभाल मिलनी चाहिए, तभी कुपोषण मुक्त समाज का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है। समाज के हर बच्चे के प्रति हमारा दायित्व उतना ही है जितना अपने परिवार के बच्चों के प्रति होता है। यदि आंगनबाड़ी सेविकाएं और संबंधित कर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें, तो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। जिप उपाध्यक्ष ने कहा कि यह केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण सेवाएं देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की नींव तैयार करते हैं। इसलिए जरूरी है कि केंद्रों के माध्यम से मिलने वाली सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ हर पात्र लाभुक तक पहुंचे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को इन योजनाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पोषक क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर उन परिवारों तक पहुंच बनानी होगी, जो अभी भी इन सेवाओं से वंचित हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, आंगनबाड़ी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे मिलकर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका और सखी मंडल की दीदियां उपस्थित रही।
