
चतरा शहर में एक ऐसी त्रासदी घटी, जिसने नगर निगम की लापरवाही को आईने की तरह सामने ला खड़ा किया। 19 अप्रैल 2024 को बिंड मोहल्ला के संजय राम मेन रोड मारवाड़ी मोहल्ला मोड़ के पास एक खुले कुएं में गिर पड़े। नगर परिषद का यह कुआं बिना किसी सुरक्षा के खुला पड़ा था, जिसकी चपेट में आकर संजय की जान चली गई। उनके बेटे सुमित कुमार का दिल टूट गया—पिता को खोने का गम तो था ही, ऊपर से प्रशासन की उदासीनता ने दर्द को और गहरा कर दिया।
सुमित ने तुरंत सदर थाने में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी विनिता कुमारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आवेदन दिया। लेकिन थाना ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। हार न मानते हुए सुमित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंप्लेंट केस नंबर 569/2024 में लगभग दो साल की कड़ी कानूनी लड़ाई चली। आखिरकार न्याय मिला! कोर्ट ने सदर थाना को सख्त निर्देश जारी किए।
परिणामस्वरूप, आज सदर थाने में कांड संख्या 88/2026 दर्ज हो गई। आरोपी हैं—नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी विनिता कुमारी, सदर थाना प्रभारी और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक। धाराएं भारी हैं: IPC 304A (लापरवाही से मौत), 166 (लोक सेवक की कर्तव्य लापरवाही) और 120B (षड्यंत्र)। यह FIR सुमित की सूचना पर आधारित है, जो अब न्याय की उम्मीद जगाती है।
ऐसी घटनाएं सवाल उठाती हैं—क्या शहर के खुले कुओं पर नजर रखना इतना मुश्किल है? नगर परिषद और पुलिस की यह लापरवाही भविष्य में और जिंदगियां न बचाए, इसके लिए सतर्कता जरूरी है। मामला अभी कोर्ट में है, आगे क्या होता है, देखते हैं।
