
चतरा के वशिष्ठ नगर थाना जोरी क्षेत्र में एक बार फिर मौत के सौदागर ने अपनी लापरवाही से एक व्यक्ति की जान ले ली है। दन्तार में तथाकथित डॉक्टर शिव शंकर शर्मा उर्फ ठाकुर जी के गलत इंजेक्शन ने 40 वर्षीय विनोद सिंह को मौत की नींद सुला दिया। सबसे शर्मनाक बात यह है कि मरीज की हालत बिगड़ते देख यह झोलाछाप उसे बचाने के बजाय पुलिस से बचने के लिए चकमा देकर फरार हो गया। घटना सोमवार शाम की है, जब मझगांवा निवासी विनोद सिंह मामूली उपचार के लिए झोलाछाप शिव शंकर शर्मा के क्लीनिक पहुँचे थे। मृतक के साले राकेश कुमार सिंह के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टर ने लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए विनोद को एक के बाद एक तीन-चार इंजेक्शन ठोक दिए। इन इंजेक्शनों का असर इतना घातक हुआ कि विनोद सिंह वहीं मूर्छित होकर गिर पड़े। जब झोलाछाप डॉक्टर को लगा कि मामला हाथ से निकल गया है, तो उसने चालाकी दिखाई और परिजनों को झांसा देकर विनोद को आनन-फानन में पड़ोसी राज्य बिहार के गया लेकर भागा। लेकिन जैसे ही सोमवार की रात्रि गया पहुँचते ही विनोद की मौत हुई, शातिर झोलाछाप अपनी गर्दन फंसती देख मौके से भागने में कामयाब रहा। पीछे छोड़ गया तो बस पीड़ित परिवार की चीखें और एक बेगुनाह की लाश। यह कोई पहली घटना नहीं है। चतरा का हंटरगंज और जोरी इलाका लंबे समय से इन झोलाछाप डॉक्टरों का गढ़ बना हुआ है। कुछ महीने पहले जब एसडीओ जहूर आलम अवैध नर्सिंग होम को सील करने पहुँचे थे, तब उन्हें ग्रामीणों के विरोध और फजीहत का सामना करना पड़ा था। जिला प्रशासन ने बार-बार अपील की कि लोग सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएं, लेकिन सवाल यह है कि ये अवैध दुकानें धड़ल्ले से खुल कैसे रही हैं? क्या इन झोलाछाप डॉक्टरों को कानून का कोई खौफ नहीं है? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा था? फिलहाल, वशिष्ठ नगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने आरोपी ‘ठाकुर जी’ की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। क्लीनिक को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया है, लेकिन आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर है। चतरा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। अगर अब भी इन अवैध क्लीनिकों पर कड़ा प्रहार नहीं किया गया, तो ‘ठाकुर जी’ जैसे कई और झोलाछाप बेगुनाहों की जान से खिलवाड़ करते रहेंगे। न्यूज़ डेस्क से मैं
संवाददाता, प्रवीण कुमार सिंह
