
Chatra : समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति एवं अवैध खनन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। खनन विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी माह तक 71 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 152 वाहनों को जप्त किया गया तथा अवैध परिवहन में पकड़े गए 201 वाहनों से ₹39,13,900 की दंड राशि वसूल की गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी माह तक 89 प्राथमिकी दर्ज, 150 वाहन जप्त एवं 186 वाहनों से ₹30,42,823 की दंड राशि वसूली गई थी। समीक्षा के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक, चतरा ने पाया कि चालू वर्ष में प्राथमिकी दर्ज करने की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित औचक छापामारी अभियान चलाते हुए अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों में सख्ती से प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को कैटेगरी-1 बालूघाटों से प्राप्त राजस्व की मासिक विवरणी विहित प्रपत्र में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला खनन पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड, रांची द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के आलोक में संबंधित प्रपत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं, किंतु अब तक कई कार्यालयों से अनुपालन प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उपायुक्त ने सभी संबंधित कार्यालयों को ससमय प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सरकार के निर्देशों के आलोक में बालू एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने हेतु जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को विशेष सक्रियता के साथ कार्य करने तथा पर्यावरण एवं राजस्व क्षति को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सीसीएल के सभी परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि कोयला ढुलाई में लगे सभी वाहनों का Web Application के माध्यम से VTD पंजीकरण सुनिश्चित करें तथा प्रगति प्रतिवेदन अगली बैठक से पूर्व जिला खनन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
क्षेत्रीय पदाधिकारी, बैच्ठ तपइंडी को निर्देश दिया गया कि बिना CTE/CTO संचालित क्रशर इकाइयों, खनन पट्टों एवं ईंट भट्ठों के विरुद्ध प्रदूषण नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करें तथा वैध इकाइयों में भी प्रदूषण मानकों के अनुपालन की नियमित जांच सुनिश्चित करें। बैठक में सड़क सुरक्षा की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सघन वाहन जांच अभियान चलाने तथा लंबित हिट एंड रन मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। संघरी घाटी क्षेत्र में हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु विशेष रणनीति बनाने एवं सख्त निगरानी रखने पर जोर दिया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि भारी वाहनों, विशेषकर कोयला परिवहन में लगे वाहनों पर कड़ी निगरानी रखते हुए 40 किमी प्रति घंटा की निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) पॉलिसी के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें नियमानुसार लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, जिला खनन पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
