
Chatra : लावालौंग प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने एनएम (नर्सिंग सहायक) नूतन मिंज पर गंभीर अनियमितता के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने की बात कही है।ग्रामीणों ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में नूतन मिंज शायद ही कभी समय पर आती हैं। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर ताला लटका मिलता है, जबकि यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध रहने का दावा किया जाता है।ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को पत्रकारों की टीम ने भी वास्तविक स्थिति जानने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुर का दौरा किया।जिसमें स्वास्थ्य केंद्र खुला पाया गया लेकिन दोपहर 12:30 बजे तक भी नूतन मिंज ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थीं।पत्रकारों ने जब फ़ोन पर संपर्क किया तो नूतन मिंज ने बताया कि वे रिपोर्ट जमा करने के लिए बाहर गई हुई हैं। हालांकि ग्रामीण इस दावे को गलत बताते हैं। उनका कहना है कि यह रोज का बहाना बन गया है — जब मन होता है तब आती हैं, हाजिरी बनाती हैं और तुरंत चली जाती हैं।ग्रामीणों ने ये भी शिकायत की कि रात में जब प्रसव पीड़ित महिलाएँ स्वास्थ्य केंद्र पहुँचती हैं तो मोबाइल पर बार-बार कॉल करने के बावजूद भी नूतन मिंज नहीं पहुँचतीं, जिसके कारण परिवारों को मजबूर होकर अन्य जगहों पर ले जाना पड़ता है। अनेक बार देरी होने से प्रसूता एवं नवजात की जान पर भी बन आती है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ममता वाहन चालक से इशारे पर काम करती है।स्थानीय महिलाओं ने कहा कि सरकार की जननी सुरक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजना का लाभ जमीनी स्तर पर तभी मिलेगा, जब स्वास्थ्यकर्मी अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार और गंभीर रहें।ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की सख्त जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था सुधार नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्टर मो0 साजिद
