
चतरा में ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस का स्वागत समारोह सह कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। चतरा परिसदन भवन में आयोजित कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता फिरोज अहमद अंसारी समेत कई राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में एसआईआर और एनआरसी समेत सामाजिक न्याय, संविधान, अमन और भाईचारे के मुद्दे प्रमुखता से उठे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एसआईआर और एनआरसी को सिरे से खारिज करते हुए देशहित में संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से काम करने की अपील की। चतरा परिसदन भवन में ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज अहमद अंसारी का कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और बुके देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी जिला अध्यक्ष हाजी कलीम अहमद अंसारी ने की, जबकि संचालन युवा जिला अध्यक्ष नेसार अंसारी ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली अंसारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सगीर अहमद अंसारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी इदरीस अंसारी और राष्ट्रीय सचिव प्रो. अनवर अंसारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फिरोज अहमद अंसारी ने कहा कि ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस एसआईआर और एनआरसी को सिरे से खारिज करती है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के अधिकार और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को आम लोगों की आशंकाओं को दूर करना चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवैधानिक दायरे में रहते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोमिन कॉन्फ्रेंस देश की एकता, अखंडता, लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने के उद्देश्य से काम करती है। उन्होंने आजादी के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मोमिन कॉन्फ्रेंस ने ‘टू नेशन थ्योरी’ का विरोध किया और भारत को अपना वतन मानते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि आज देश में नफरत और वैमनस्य का माहौल समाज के लिए नुकसानदेह है। ऐसे में कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर अमन, शांति, भाईचारे और सद्भावना का संदेश दें। फिरोज अहमद अंसारी ने कहा कि देश की तरक्की तभी संभव है, जब सभी वर्गों के लोग मिलकर देशहित में काम करें। उन्होंने बताया कि मोमिन कॉन्फ्रेंस देश के करीब 22 राज्यों में सक्रिय रूप से समाज के उत्थान के लिए काम कर रहा है।
झारखंड में संगठन को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रंगनाथ मिश्रा आयोग और मंडल आयोग के संदर्भ में मोमिन कॉन्फ्रेंस की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बुनकर, मजदूर और मेहनतकश वर्ग देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इन वर्गों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। सम्मेलन के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियां भी तय की गईं। सर्वसम्मति से हाजी कलीम अंसारी को कार्यकारी जिला अध्यक्ष, नेसार अंसारी को प्रधान महासचिव और हाफिज सलीम अख्तर को जिला महासचिव मनोनीत किया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को प्रखंड से पंचायत स्तर तक मजबूत करने और समाजहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया। एंकर आउट कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से मोमिन कॉन्फ्रेंस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में सामाजिक एकता, संविधान, सामाजिक न्याय और देशहित में संगठन की भूमिका को लेकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
