
चतरा — सुबह‑शाम के रोज़मर्रा के सफर में अब जनता के लिए चतरा बाईपास एक सजा बन चुकी है। गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और घंटों तक फंसा रहने वाला ट्रैफिक—यह तस्वीर कई परिवारों की रोज़मर्रा की जद्दोजहद बताती है। आज इस बिगड़ती तस्वीर पर सब्र का बाँध टूट गया जब मांडू विधायक और विधानसभा याचिका समिति के सदस्य निर्मल (तिवारी) महतो ने सड़क निर्माण में हो रही देरी को सीधे विधानसभा की याचिका समिति में उठाया। उनके साथ मौके पर आए सदस्यों और विभागीय अधिकारियों के समक्ष जनता की नाराजगी साफ़ दिखी।
विधायक ने भूमि अधिग्रहण की अनसुलझी स्थितियों, मुआवजे की देरी और धीमी रफ्तार से हो रहे निर्माण को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि लोग रोज़ अपनी ज़िंदगी के मूल्य—समय, पैसा और सुरक्षा—यहाँ खो रहे हैं और अब और इंतजार बर्दाश्त नहीं होगा। याचिका समिति ने जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सभी लंबित बाधाओं को दूर कर काम में तेजी लाने का अल्टीमेटम दिया है; चेतावनी दी गई है कि अगर जनहित को प्राथमिकता नहीं दी गयी तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थल निरीक्षण और स्थानीय शिकायतों को गंभीरता से उठाने की मांग करते हुए आजसू जिला समिति ने भी विधायक से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने तीन बड़े मुद्दे उठाये: (1) बाईपास की जर्जर हालत पर NH अधिकारी और संबंधित विभागों के साथ तुरंत स्थानिक निरीक्षण, (2) हाईवेज से हो रहे नु्कसान के ठोस निवारक विकल्प, और (3) विद्युत आपूर्ति की अनियमितताओं पर त्वरित सुधार। आजसू के प्रतिनिधिमंडल में संदीप सिंह, शिवलाल दांगी, हिरा निशाद, राजेन्द्र साहू, सोनू कुमार, दिलीप वर्मा और अजय साहू प्रमुख थे।
स्थानीय लोग कहते हैं कि हर बारिश या तेज़ धूप में उनकी आवाज़ दब जाती है — आज वह आवाज़ विधानसभा तक पहुँच चुकी है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या चतरा बाईपास की तस्वीर बदलेगी या वही पुराना इंतजार जारी रहेगा
