
हजारीबाग | मुहर्रम के मौके पर केवा आयुर्वेदा की ओर से हजारीबाग के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के 20 खलीफाओं का पगड़ी, फूल-माला और आकर्षक मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह का आयोजन अधिवक्ता शहादत अंसारी, झारखंड आंदोलनकारी संजर मालिक और पत्रकार काशिफ अदीब ने किया। इस दौरान मुहर्रम की रिवायत, आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सौहार्द सेवा समिति के अध्यक्ष, शांति समिति सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी फहीम उद्दीन अहमद उर्फ संजर मलिक, अधिवक्ता शहादत हुसैन, पत्रकार काशिफ अदीब, मेराज वारसी, सलमान खान, मो. आशिफ समेत अन्य लोगों ने शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में पहुंचकर फातेहा में शिरकत की और अलग-अलग अखाड़ों में जाकर खलीफाओं का सम्मान किया।
सम्मान समारोह के तहत बूचर टोली चौक, कुरैशी मोहल्ला, सुजैयत चौक, सरदार चौक, डॉ. जाकिर हुसैन रोड, मटवारी, लाखे, नूतन नगर, ओरिया, लालपुर चौक, गुडवा, बहेरी, खिरगांव अंसारी रोड, खिरगांव खान रोड, खिरगांव हबीबी नगर, लेपो रोड, गौस नगर, नूरा, गदोखर और बलियांद के खलीफाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी खलीफाओं को पगड़ी पहनाकर, फूल-माला अर्पित कर तथा तिरंगे और अशोक स्तंभ से सुसज्जित आकर्षक मोमेंटो भेंट किए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत इंसानियत, इंसाफ, सच्चाई और ज़ुल्म के खिलाफ डटकर खड़े रहने की हमेशा रहने वाली मिसाल है। उनकी कुर्बानी पूरी दुनिया को अमन, भाईचारे और इंसाफ के रास्ते पर चलने की सीख देती है।
वक्ताओं ने कहा कि मुहर्रम का पैगाम सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी इंसानियत को मोहब्बत, सब्र, कुर्बानी और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। ऐसे सम्मान समारोह समाज में एकता और आपसी विश्वास को और मजबूत करने का काम करते हैं।
