
Chatra : बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के निर्देशानुसार गुरुवार को चतरा प्रखंड अंतर्गत ऊंटा एवं रमटुंडा क्षेत्र में विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। श्रम विभाग द्वारा गठित धावा दल ने विभिन्न होटलों, ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य कार्यस्थलों पर सघन जांच अभियान संचालित कर बाल श्रम के विरुद्ध कार्रवाई की।
अभियान के दौरान रमटुंडा स्थित एक ढाबे में कार्यरत एक बाल श्रमिक की पहचान कर उसे तत्काल बाल श्रम से मुक्त कराया गया। वहीं ऊंटा रोड क्षेत्र में एक ट्रैक्टर पर कार्य कर रहे छह बाल मजदूरों को भी मुक्त कराया गया। इस प्रकार अभियान के दौरान कुल सात बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
मुक्त कराए गए सभी बच्चों को आवश्यक देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। साथ ही संबंधित नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 2016 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है और किसी भी परिस्थिति में उनसे श्रम कराना कानूनन प्रतिबंधित है। प्रशासन द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल कल्याण समिति, नीति आयोग के जिला परियोजना सहायक, एलजीएसएस के कार्यकर्ता तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
जनसामान्य से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी कराए जाने, उसके शोषण अथवा बाल अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण एवं प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन उपलब्ध कराने में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।आइए, बाल श्रम के विरुद्ध जागरूक बनें और हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सुनहरे भविष्य का अवसर प्रदान करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।”
