
Chatra : लावालौंग प्रखंड के पारामातु एवं सोहावन गांव में वन विभाग के तत्वावधान में वन रक्षा बंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को जंगल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा वन एवं मानव के बीच आत्मीय संबंध को मजबूत करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम वन विभाग के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया, जहां लोगों ने पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को वन संरक्षण, अवैध कटाई रोकने, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में मुख्य रूप से लावालौंग मुखिया नेमन भारती ने कहा कि जंगल हमारे जीवन का आधार हैं। पेड़-पौधों से ही स्वच्छ वातावरण, वर्षा और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगलों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।पूर्वी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अशोक यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पेड़ों की रक्षा करने का आग्रह किया।वनरक्षी अमित कुमार एवं सुनील कुमार ने ग्रामीणों को वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न संरक्षण अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन रक्षा बंधन कार्यक्रम लोगों को जंगलों के प्रति भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “जंगल बचाओ, पर्यावरण बचाओ” के नारे लगाए। पूरे कार्यक्रम का माहौल पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंजता रहा। अंत में सभी ग्रामीणों ने वन संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
रिपोर्टर मो0 साजिद
