
Chatra : कान्हाचट्टी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाराबागी आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के दौरान एक पेड़ गिरने से हाल ही में बनी चारदीवारी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई बच्चा या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बताया जा रहा है कि उक्त चारदीवारी का निर्माण महज दो महीने पूर्व ही कराया गया था। इतनी कम अवधि में ही इसके ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई। चारदीवारी में उचित कॉलम नहीं दिया गया, घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और निर्माण के समय सही तरीके से पानी का भी प्रयोग नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सरकारी राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि प्रखंड के कई आंगनबाड़ी केंद्रों के सुंदरीकरण कार्य में इसी प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं। यदि सभी केंद्रों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आ सकता है।
विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान उचित निगरानी और जांच नहीं की गई, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली पर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि केंद्र में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रहती है, पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है और सेविका भी अक्सर अनुपस्थित रहती हैं। साथ ही बच्चों को नियमानुसार मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल रहा है।
वहीं, इस संबंध में आंगनबाड़ी सेविका ने बताया कि उन्हें बीएलओ सहित कई अन्य सरकारी कार्यों का भी दायित्व निभाना पड़ता है, जिससे केंद्र संचालन प्रभावित होता है। बच्चों की कम उपस्थिति पर उन्होंने कहा कि अधिकांश बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं, जिसके कारण केंद्र में संख्या कम रहती है।
