
चतरा। चतरा प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिन ऐसा आया जब सैकड़ों ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मेगा लीगल कैंप लगाया, जहां आम लोगों को उनके कानूनी हक, सरकारी योजनाओं और मुफ्त कानूनी मदद की पूरी जानकारी दी गई। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण था जो न्याय के दरवाजे तक पहुंच ही नहीं पाते। लोगों ने यहां विधिक सलाह ली, लोक अदालत और मध्यस्थता के बारे में जाना। प्रखंड विकास पदाधिकारी हरिनाथ महतो ने दीप जलाकर शुभारंभ किया, और पारा लीगल वॉलेंटियर जुलकर नैन ने सबको जोड़कर रखा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तारकेश्वर दास ने भावुक होकर कहा, “ये शिविर इसलिए हैं ताकि न्याय हर घर पहुंचे, कोई दरकराज न रहे। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी मेघलाल राम बोले, “हमारी कोशिश है कि सरकार की योजनाओं का फायदा गांव के आखिरी आदमी तक पहुंचे।” डीपीएम दीपक सिंह ने कहा, “ये कैंप ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें खुद की ताकत दिखाते हैं, आत्मनिर्भर बनाते हैं।”
कैंप की सबसे बड़ी खुशी तो ये रही—प्रधानमंत्री आवास योजना में 3 लोगों को घर की स्वीकृति मिली, 3 को नई चाबियां थमाई गईं। सोचिए, बेघरों के सिर पर अब छत का सपना साकार! वहीं, जेएसएलपीएस ने 88 महिला समूहों को 88 लाख रुपये के चेक सौंपे—ये वो बहनें-बेटियां हैं जो अब अपने पैरों पर खड़ी होंगी। विभिन्न विभागों के अफसर, पारा लीगल वॉलेंटियर्स, पंचायत प्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ये कैंप सिर्फ कागजों का नहीं, दिलों का मेला था, जहां इंसानियत ने सबको जोड़ा।
