
रांची : झारखंड के आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—के दौरान किसी भी तरह की सांप्रदायिक फसाद या अफरा-तफरी न हो, इसके लिए पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र ने कमर कस ली है। रांची पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की नब्ज टटोली, मानो हर संभावित खतरे को पहले ही कुचलने का संकल्प ले लिया हो। वरिष्ठ अधिकारी—एडीजी अभियान टी. कंदसामी से लेकर आईजी प्रोविजन पटेल मूयर कनैयालाल, बोकारो के आईजी सुनिल भास्कर और विशेष शाखा के एसपी दीपक पाण्डेय तक—सभी ने शिरकत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रेंज आईजी, जोनल डीआईजी और जिला एसपी ने जिलावार अपनी तैयारियां पेश कीं। एक अधिकारी ने बताया, “पिछले सालों की घटनाओं से सबक लेते हुए हम हर कोने पर नजर रखेंगे।”
हॉटस्पॉट पर ‘आयरन फिस्ट’, ड्रोन बनेगी आंखें
बैठक में खुलासा हुआ कि सांप्रदायिक कांडों के पुराने मुकदमे, लंबित वारंट और कुर्की-जब्ती पर जिलेवार सख्ती बरती जाएगी। धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी लगाने से लेकर ड्रोन से हवाई निगरानी तक हर कदम तय। जुलूस मार्गों का जायजा, रास्तों पर लगातार रोशनी-PA सिस्टम, संयुक्त कंट्रोल रूम और इमरजेंसी मेडिकल सुविधा सब कुछ चाक-चौबंद।डीजीपी मिश्र ने साफ शब्दों में कहा कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर नजर रखी जाए, खासकर उन जिलों में जहां पहले कभी तनाव हुआ। “सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा,तुरंत सत्यापन और कार्रवाई हो,” उन्होंने निर्देश दिया। महिला सुरक्षा, वीआईपी मूवमेंट, अवैध शराब-मादक पर छापेमारी और पुलिस बलों के लिए भोजन-पानी की पुख्ता व्यवस्था पर भी जोर। यह तैयारी न सिर्फ कानून-व्यवस्था को पुख्ता करेगी, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को निश्चिंत त्योहार मनाने का विश्वास दिलाएगी। राज्यभर में शांति समितियों की बैठकें भी तेज हो गई हैं।
