
चतरा। लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात दौड़ने वाले 108 एम्बुलेंस कर्मी आज खुद अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लंबित वेतन, बर्खास्त साथियों की बहाली और श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर उनका चरणबद्ध आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मियों ने भिक्षाटन कर सरकार से जल्द समाधान की गुहार लगाई।
संघ का कहना है कि जुलाई 2026 से वेतन नहीं मिला है। वेतन में मनमानी कटौती, एम्बुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं होने और हटाए गए कर्मियों की बहाली न होने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। संघ के मुताबिक, 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 से 20 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। तय समय बीत गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मियों में नाराजगी है। कर्मियों की मांग है कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से किया जाए, बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल किया जाए और सभी वैधानिक श्रमिक अधिकार लागू हों। संघ ने साफ कहा है कि मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
