
कान्हाचट्टी/राजपुर। राजपुर बाजार स्थित गांधी चौक के पीछे 15वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषद, चतरा की योजना से कराये जा रहे चबूतरा निर्माण को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया। निर्माण कार्य का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा है, वह राजपुर बाजार का महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थल है। ऐसे में यहां चबूतरा बनने से भविष्य में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीण उक्त स्थल पर चबूतरा के स्थान पर गोलंबर निर्माण कराने तथा आसपास पीसीसी अथवा फाइबर ब्लॉक लगाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताने के बाद मामले में संवेदक की ओर से राजपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। इसके बाद पुलिस राजपुर चौक से पवन केशरी और अशोक साव को पूछताछ के लिए थाना ले गयी। इसकी जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ थाना पहुंची। ग्रामीणों ने दोनों लोगों को वापस लाने के बाद निर्माण स्थल पर विरोध जताते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने से बाजार की गतिविधियां हुई प्रभावित मंगलवार शाम करीब चार बजे ग्रामीण गांधी चौक के पास धरने पर बैठ गये। धरना शुरू होने के बाद साप्ताहिक बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। कई दुकानदारों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ा। मुख्य मार्ग पर लोगों की मौजूदगी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना था कि वे किसी भी विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका विरोध केवल निर्माण स्थल और प्रस्तावित निर्माण की उपयोगिता को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार, गांधी चौक के पीछे का स्थान बाजार के लिए महत्वपूर्ण है और यहां भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में चबूतरा बनने के बजाय गोलंबर का निर्माण होने से वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित करने में सुविधा होगी। गोलंबर और बेहतर रास्ते की मांग ग्रामीणों ने कहा कि बाजार क्षेत्र में अक्सर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। बड़े वाहनों को मोड़ने में भी परेशानी होती है। इसलिए उक्त स्थल का उपयोग यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने गोलंबर के साथ रास्ते को पीसीसी या फाइबर ब्लॉक से बेहतर तरीके से विकसित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला परिषद और प्रशासन से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थल का निरीक्षण कराने की मांग की। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्या और यातायात की स्थिति को देखते हुए योजना में आवश्यक बदलाव पर विचार किया जाना चाहिए। पुलिस ने ग्रामीणों से की बातचीत धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ गांधी चौक पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को लेकर अपनी आपत्ति और मांग थाना प्रभारी के समक्ष रखी। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और मौके से हट गये। ग्रामीणों ने जांच के बाद ही निर्माण की मांग की ग्रामीणों ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास के पक्ष में हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थल पर होने वाले निर्माण से आम लोगों को भविष्य में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए जिला परिषद और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को स्थल का भौतिक निरीक्षण कर स्थानीय लोगों की मांग और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया है। वहीं, ग्रामीणों की मांग और निर्माण योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।
कान्हाचट्टी संवादाता नितेश कुमार सिंह
