
Chatra : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, चतरा द्वारा सिविल सर्जन सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन, चतरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, आत्महत्या की रोकथाम तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर आवश्यक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, तनाव एवं अवसाद के लक्षणों की समय पर पहचान तथा उचित परामर्श एवं उपचार आत्महत्या की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझने तथा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
मानसिक तनाव एवं अवसाद के लक्षणों की पहचान जरूरी
कार्यक्रम में मनोचिकित्सक डॉ. जे. श्रावणी ने आत्महत्या के संभावित कारणों, मानसिक तनाव एवं अवसाद से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक निराशा, सामाजिक दूरी बनाना तथा लगातार तनाव या अवसाद जैसे संकेतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, तनाव एवं अवसाद से बचाव तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों से मनोचिकित्सकीय परामर्श लेने के उपायों पर प्रकाश डाला। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का भी समाधान किया गया।
विद्यार्थियों के बीच भी चलाया गया जागरूकता अभियान
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर पीएम श्री उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, मोकतमा, चतरा में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, अवसाद एवं आत्महत्या की रोकथाम से संबंधित विषयों पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों एवं तनावपूर्ण स्थितियों का सामना परिवार एवं मित्रों के सहयोग तथा विशेषज्ञों से परामर्श लेकर किया जा सकता है। उन्हें अपनी समस्याओं को साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान कुछ छात्राओं की व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई। काउंसलिंग के माध्यम से उनकी समस्याओं एवं चिंताओं को समझते हुए आवश्यक मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला आरसीएच पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, मनोचिकित्सक डॉ. जे. श्रावणी, जिला कार्यक्रम सहायक हरिशंकर सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए समय पर सहायता, परामर्श एवं उपचार के महत्व को रेखांकित करना रहा।
