
चतरा। दशकों से रेलवे से वंचित चतरा जिले के लिए आज का दिन यादगार बन गया। केंद्र सरकार ने परैया (गया, बिहार) से चतरा (झारखंड) तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में मंजूरी दे दी है। सरकार की राजपत्री अधिसूचना के बाद आज चतरा के सांसद कालीचरण सिंह ने राजधानी दिल्ली से लौटकर यहां भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस उपलब्धि को क्षेत्र के इतिहास का नया
टर्निंग‑पॉइंट बताया। सांसद ने भावुकता के साथ कहा, “यह सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं, हमारे बच्चों के लिए आशा की नई कड़ी है। आज हमारा चतरा देश के बड़े रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है — यह हमारी पीढ़ी का ऐतिहासिक पल है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने संसद के पटल पर यह मांग लगातार उठाई और केंद्रीय विभागों से लगातार पैरवी की, जिसके कारण प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के सहयोग से यह संभव हुआ।
परिया से सीधे चतरा तक रूट
परियोजना के मुताबिक नई 75.1 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज लाइन परैया स्टेशन (गया के समीप) से शुरू होकर सीधे चतरा शहर तक आएगी। परैया में 4.95 किलोमीटर के Y‑कनेक्शन के निर्माण के साथ यह स्टेशन एक बड़े जंक्शन के रूप में उभरेगा। लाइन पर आधुनिक सिग्नलिंग, मजबूत पुल‑पुलिया और यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय स्टेशन बनाए जाने का प्रावधान है।
आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की उम्मीद
सांसद ने कहा कि चतरा दशकों से रेल सेवा के अभाव के कारण पिछड़ा रहा और युवाओं का पलायन बढ़ा। इस लाइन से न केवल यात्रियों को सस्ती और तेज़ परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि कोयला परिवहन (CCL के मगध‑आम्रपाली व संघमित्रा जैसे क्षेत्रों से) भी सुगम होगा, जिससे सड़कों पर भारी ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा। इसके अलावा स्थानीय कृषि, खनन और वनोपज को बड़े बाजारों तक पहुंच मिलने से किसानों और व्यापारियों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
रोजगार और जुड़ाव
प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर स्टेशन संचालन, निर्माण और सेवा क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। सांसद कालीचरण सिंह ने कहा, “यह परियोजना युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलेगी और पलायन रोकेगी।”
स्थानीय मुद्दे भी उठे
प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसमूहों में स्थानीय लोगों ने मोरहर नदी पर पुल बनवाने की भी मांग उठाई ताकि छत्तीसगढ़, पलामू और बिहार के साथ संपर्क आसान हो और यह क्षेत्र बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरे। सांसद ने आश्वासन दिया कि रेल परियोजना के साथ-साथ सड़क‑पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सरकार से आग्रह किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परतापपुर प्रखंड के घोरीघाट भाजपा मंडल के कई गांवों के लोगों ने सांसद के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि वर्षों से रुका हुआ यह सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है। कई युवा और किसान भावुक नजर आए और उन्होंने सांसद कालीचरण सिंह को “चतरा का असली लाल” कहकर धन्यवाद दिया।
अगला कदम क्या होगा
सरकार की अधिसूचना के बाद अब तकनीकी सर्वेक्षण, पर्यावरण एवं सामाजिक असर का मूल्यांकन और टेंडर प्रक्रिया को गति देकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सांसद ने उम्मीद जताई कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा और चतरा कुछ वर्षों में देश के मुख्य रेल मार्गों से स्थायी रूप से जुड़ जाएगा।
