
चतरा : 24 कांडों में पुलिस को वांछित आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। गौवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी एवं वध से जुड़े मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे मो. अनवर उर्फ नेपाली कुरैशी को सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सदर थाना में 23 और कुंदा थाना में एक मामला दर्ज है। वर्ष 2013 से लेकर 2026 तक दर्ज इन मामलों में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं। सदर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना मिली थी कि विभिन्न मामलों में वांछित अनवर उर्फ नेपाली कुरैशी अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही उसका सत्यापन कराया गया। सूचना की पुष्टि होने के बाद सदर पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसके ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. अनवर उर्फ नेपाली कुरैशी, पिता मो. सराज कुरैशी, निवासी बिड़ मुहल्ला, शहादत चौक, सदर थाना क्षेत्र, चतरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ सदर थाना में वर्ष 2013 से लगातार मामले दर्ज होते रहे हैं। इनमें मारपीट के साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, झारखंड बोवाइन एनिमल प्रिजर्वेशन ऑफ स्लॉटर एक्ट तथा अन्य संबंधित धाराओं के मामले शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सदर थाना में कांड संख्या 207/2013, 234/2015, 84/2016, 194/2016, 379/2016, 190/2017, 192/2017, 337/2017, 350/2017, 225/2018, 57/2019, 58/2019, 378/2019, 399/2019, 42/2020, 119/2021, 143/2022, 407/2022, 233/2024, 349/2024, 145/2025, 199/2025 एवं 82/2026 दर्ज हैं। वहीं कुंदा थाना में कांड संख्या 17/2019 उसके खिलाफ दर्ज है। लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाला आरोपी अपने घर पहुंचा तो गुप्त सूचना ने पुलिस को मौका दे दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की और उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके पुराने मामलों की स्थिति, प्रत्येक कांड में उसकी भूमिका तथा संभावित अन्य संलिप्तताओं की जांच कर रही है। एसडीपीओ सन्नी वर्धन के अनुसार,आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गौवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी एवं वध से जुड़े मामलों में उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी अभियान में एसडीपीओ सन्नी वर्धन, सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव समेत सदर थाना एवं चतरा के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
