
Chatra : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) की अध्यक्षता में जन्म-मृत्यु निबंधन से संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की घटनाओं के शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध ऑनलाइन निबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में होने वाली प्रत्येक जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की घटना का निबंधन अनिवार्य रूप से कराया जाए। सभी निबंधन इकाइयों को CRS Portal के माध्यम से ऑनलाइन निबंधन कार्य में तेजी लाने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया।
*अस्पतालों में उसी माह कराएं निबंधन*
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में होने वाली जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की घटनाओं का निबंधन घटना वाले माह में ही सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्धारित प्रपत्र प्राप्त होने के बाद समय पर ऑनलाइन प्रविष्टि कराने तथा मासिक प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने अस्पतालों में निबंधन की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
*पंचायत स्तर पर भी होगी नियमित निगरानी*
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की घटनाओं का शत-प्रतिशत ऑनलाइन निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पंचायत सचिवों को पंचायत कार्यालय में निर्धारित दिवस पर उपस्थित रहकर CRS Portal के माध्यम से निबंधन कार्य करने तथा नियमित मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को अपने अधीनस्थ निबंधन इकाइयों का नियमित निरीक्षण करने और निबंधन की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पूरी सावधानी एवं पारदर्शिता बरतने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
*CRS Portal की आईडी-पासवर्ड रखें सुरक्षित*
बैठक में साइबर फ्रॉड की रोकथाम को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। सभी रजिस्ट्रार को CRS Portal की अपनी यूजर आईडी एवं पासवर्ड गोपनीय रखने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने तथा समय-समय पर पासवर्ड बदलने को कहा गया। साथ ही निबंधन की प्रत्येक प्रविष्टि की सावधानीपूर्वक जांच एवं निगरानी करने का निर्देश दिया गया।
*विद्यालयों में जन्म प्रमाण-पत्र को लेकर जागरूकता*
जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में नामांकन के समय जन्म प्रमाण-पत्र की आवश्यकता एवं महत्ता के संबंध में अभिभावकों को जागरूक किया जाए। जिन बच्चों का जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है, उनके निबंधन के लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक संबंधित निबंधक से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
*नगर परिषद एवं निजी अस्पतालों की भी होगी निगरानी*
नगर परिषद क्षेत्र में होने वाली जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की सभी घटनाओं का समयबद्ध निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। निजी नर्सिंग होम एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से निर्धारित प्रपत्र में जन्म-मृत्यु की सूचना प्राप्त कर उसका समय पर निबंधन कराने को कहा गया।
*जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश*
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जन्म एवं मृत्यु निबंधन की आवश्यकता और महत्ता को लेकर समाचार पत्रों एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को जिले के सभी निबंधन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर निबंधन कार्य की प्रगति की समीक्षा करने तथा कम निबंधन वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*उपायुक्त ने जिलेवासियों से की अपील*
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि परिवार में होने वाली प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की घटना का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निबंधन अवश्य कराएं। जन्म प्रमाण-पत्र बच्चों के लिए शिक्षा, सरकारी योजनाओं, पहचान एवं विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण-पत्र भी विभिन्न कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक होता है। इसलिए नागरिक जन्म एवं मृत्यु निबंधन को केवल सरकारी प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे अपने परिवार के महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखें। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निबंधन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। बैठक में सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
