
हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डेंटल कॉलेज सुपरवाइजर हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे जो कहानी निकलकर सामने आई है, वह किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है!
एक ही लड़की से प्यार, फिर होटल में शराब की पार्टी… और उसके बाद सीन में आता है पीड़ित की बीमारी का खौफनाक फायदा उठाने वाला कातिल! हजारीबाग एसपी अमन कुमार के कड़े रुख के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।दरअसल, बीती 19 तारीख को मुफस्सिल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि डेंटल कॉलेज में सुपरवाइजर का काम करने वाले विकास कुमार सिंह की हत्या कर दी गई है। मामला सामने आते ही एसपी अमन कुमार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया।
SDPO सदर के नेतृत्व में मुफस्सिल थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह और सशस्त्र बलों की एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सबूतों और परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य नामजद आरोपी पवन कुमार दास को दबोच लिया.जब पुलिस ने आरोपी पवन कुमार दास से कड़ाई से पूछताछ की, तो परत-दर-परत सच बाहर आने लगा। खुलासा हुआ कि विकास और पवन, दोनों एक ही लड़की से बेइंतहा प्यार करते थे। मजे की बात यह है कि वह युवती भी उसी जगह काम करती थी।
जब पवन को पता चला कि विकास भी उसी लड़की से प्यार करता है, तो उसके सिर पर खून सवार हो गया और उसने विकास को हमेशा-हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली!साजिश के तहत आरोपी पवन दास विकास को एक होटल में पार्टी के बहाने ले गया। दोनों ने जमकर शराब पी। इसके बाद दोनों डेंटल कॉलेज पहुँचे। यहाँ पवन ने विकास को इतनी ज्यादा शराब पिला दी कि वह पूरी तरह बेसुध हो गया।
इसके बाद कातिल पवन ने जो किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था! आरोपी को पहले से पता था कि विकास के सीने में पेसमेकर मशीन लगी हुई है और उसका शरीर बहुत कमजोर है। पवन ने बेसुध पड़े विकास को मुँह के बल जमीन पर पटका और उसके सीने पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। पेसमेकर लगे सीने पर ताबड़तोड़ हमलों की वजह से विकास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।पुलिस ने आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एकतरफा जिद और प्यार की सनक ने जहाँ एक हँसते-खेलते युवा की जान ले ली, वहीं कातिल दोस्त की जगह अब जेल की सलाखों के पीछे तय हो चुकी है।
