
Chatra : समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में विकसित भारत-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंडवार योजनाओं की स्थिति, सामग्री एवं मजदूरी भुगतान, मानव दिवस सृजन, लंबित आवासों की पूर्णता, किस्त भुगतान तथा जियो टैगिंग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने असंतोषजनक प्रगति वाले प्रखंडों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया।
विकसित भारत-जी राम जी : भुगतान एवं मानव दिवस सृजन में तेजी लाने का निर्देश
विकसित भारत-जी राम जी के तहत सामग्री भुगतान की समीक्षा में हंटरगंज, प्रतापपुर एवं लावालौंग प्रखंड की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। उपायुक्त ने संबंधित प्रखंडों को एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निर्धारित अवधि में प्रगति नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अनुशंसा उपलब्ध कराने को कहा गया।
मजदूरी भुगतान की समीक्षा में पाया गया कि कान्हाचट्टी, कुंदा एवं टंडवा प्रखंड में भुगतान की प्रक्रिया शुरू हुई है, जबकि शेष प्रखंडों में भुगतान प्रारंभ नहीं किया गया है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को लंबित मजदूरी भुगतान अविलंब सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने भुगतान में विलंब एवं लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उनकी सूची उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही। आकस्मिकता मद में भी असंतोषजनक प्रगति पर आवश्यक सुधार लाने का निर्देश दिया गया।
मानव दिवस सृजन की समीक्षा के दौरान भी प्रगति असंतोषजनक पाई गई। प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा वर्षा के कारण कच्चे कार्य प्रभावित होने से मानव दिवस सृजन में कमी आने की जानकारी दी गई। इस पर उपायुक्त ने कहा कि वर्षा का मौसम समाप्त हो चुका है, इसलिए अब कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन कम से कम 150 मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराने तथा एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह विकसित भारत-जी राम जी की समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा योजना के सभी निर्धारित संकेतकों में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु लक्ष्य निर्धारित कर प्रखंडों को योजनाओं की सूची उपलब्ध करा दी गई है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजनाओं का चयन कर 15 नवंबर 2026 तक कार्य प्रारंभ करना सुनिश्चित करें। वहीं, पूर्व से संचालित योजनाओं के लंबित दायित्वों का प्रखंड स्तर पर सत्यापन कर प्रतिवेदन भी 15 नवंबर तक जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
ई-एमबी (e-MB) से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी कनीय अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मापी पुस्तिका से संबंधित प्रविष्टियां पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुशंसा उपलब्ध कराएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण : लंबित किस्त भुगतान एवं आवास पूर्णता में तेजी लाने का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लंबित प्रथम, द्वितीय एवं अंतिम किस्त का भुगतान अविलंब पूर्ण करने का निर्देश सभी संबंधित प्रखंडों को दिया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-22 तक लंबित आवासों की लाभुकवार समीक्षा करते हुए आवास निर्माण एवं पूर्णता में तेजी लाने को कहा। साथ ही, जो लाभुक आवास निर्माण के इच्छुक नहीं हैं, उनसे नियमानुसार भुगतान की गई किस्त की राशि वापस कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने योजना के सभी लाभुकों के बैंक खातों को आधार से अनिवार्य रूप से लिंक कराने का निर्देश दिया, ताकि किस्त की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा सके।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रथम किस्त प्राप्त कर चुके लाभुकों के आवासों की विंडो सिल स्तर की जियो टैगिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इस कार्य में हंटरगंज, प्रतापपुर, सिमरिया, इटखोरी एवं टंडवा प्रखंडों को विशेष ध्यान देते हुए प्रगति सुधारने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रखंड एक सप्ताह के भीतर राज्य स्तर पर खराब प्रगति वाले 25 प्रखंडों की सूची से बाहर आने के लिए अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, योजना के तहत किस्त प्राप्त कर चुके सभी लाभुकों के आवासों का निर्माण किस्त के अनुरूप निर्धारित स्तर तक पूर्ण कराने तथा प्रत्येक चरण की जियो टैगिंग ससमय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कर्मियों को SGSP के तहत वेतन खाता खुलवाने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित कर्मियों को झारखंड सरकार की SGSP पहल के तहत संबद्ध बैंकों में वेतन खाता खुलवाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पात्र खाताधारकों को एक करोड़ रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उन्होंने सभी कर्मियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-निदेशक, डीआरडीए, परियोजना पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता उपस्थित थे।
