
चतरा: जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के डाड़ी में मुआवजे की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क पर कोयला वाहनों का चक्का जाम कर दिया। रात 7 बजे से शुरू हुआ आंदोलन करीब 12 घंटे से जारी है। ग्रामीणों ने कोयला वाहनों का परिचालन रोक दिया है, जबकि आम राहगीरों के लिए रास्ता खुला रखा गया है। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। बताया जाता है कि बीते 19 अक्टूबर को गोवा पेट्रोल पंप के समीप कोयला वाहन की चपेट में आने से बकचोम्मा गांव निवासी शहबाज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। वहीं, डाड़ी गांव निवासी शाहबाज अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनकी एक टांग काटने की नौबत आ गई है, जबकि एक आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई है। फिलहाल वे निजी अस्पताल में इलाजरत हैं। उनके इलाज में करीब 10 से 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। मौके पर मौजूद JLKM नेता मोहम्मद गुलाम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला वाहनों की चपेट में आकर हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अपाहिज होकर अस्पतालों और बिस्तरों पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। इसके बावजूद सरकार को लोगों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है। आखिर कब तक कोयला ढुलाई के नाम पर बेगुनाह लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कोयला वाहनों के लिए अलग बाईपास सड़क बनाई जाए। गुलाम ने कहा कि कोयला ढुलाई जरूरी है, लेकिन जनता की जान की कीमत पर नहीं। सरकार को केवल कोयले की ढुलाई और राजस्व की चिंता करने के बजाय लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक कोयला वाहनों का परिचालन शुरू नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, आम राहगीरों के लिए रास्ता खुला रखा गया है और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
