
चतरा। देशभर में 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर चतरा जिले में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। शहीदों के परिजनों की उपस्थिति में उनके बलिदान को नमन किया गया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि 31 अगस्त 2026 तक पूरे देश में कुल 154 पुलिसकर्मी एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवान और पदाधिकारी शहीद हुए हैं। इनमें झारखंड के एक पुलिस पदाधिकारी और दो आरक्षी भी शामिल हैं। वहीं, चतरा जिले में तीन पुलिस पदाधिकारी और आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इसके अलावा चतरा जिले के निवासी दो अन्य पुलिसकर्मियों ने विभिन्न जिलों में कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन वीर जवानों के परिजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और देश की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण को याद किया गया। वक्ता ने कहा कि पुलिस की नौकरी की शुरुआत से ही कर्तव्य के प्रति ईमानदारी और देश की मिट्टी के लिए बलिदान का जज्बा हर पुलिसकर्मी के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करते हैं।उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन के दौरान शहीद होने का अवसर बहुत कम जवानों को मिलता है, लेकिन जब देश और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की घड़ी आती है, तो पुलिसकर्मी पीछे नहीं हटते। वे साहस और वीरता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। शहीद जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर जो रास्ता दिखाया है, उसे कभी धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। उनकी यादों को हमेशा संजोकर रखा जाएगा।इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति संवेदना और सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पुलिस परिवार हरपरिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। वक्ता ने कहा कि शहीदों के परिजनों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। पुलिस विभाग उनकी जरूरतों के समय हरसंभव सहयोग करने का प्रयास करेगा।कार्यक्रम के अंत में पुलिस संस्मरण दिवस को गौरव और संकल्प का अवसर बताते हुए देश की सेवा, सुरक्षा और जनता के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया गया। शहीद जवानों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
