
चतरा जिले में अपराधियों ने सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर एक युवक से 31 लाख 90 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को नारकोटिक्स विभाग का कर्मचारी बताया और ललन कुमार को अपने जाल में फंसा लिया। घटना के बाद परिवार में चिंता और दहशत का माहौल था, लेकिन पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए तेजी से कार्रवाई की और गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
ललन कुमार, उम्र करीब 28 वर्ष, ग्राम बरवाडीह के रहने वाले हैं। 7 सितंबर को कुछ अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और खुद को नारकोटिक्स विभाग का स्टाफ बताकर धमकाने लगे। सरकारी विभाग का नाम सुनकर ललन घबरा गए। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनसे 31 लाख 90 हजार रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद ललन ने वशिष्टनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 7 सितंबर 2026 को कांड संख्या 131/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। रकम बड़ी थी और घटना का तरीका गंभीर, इसलिए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया।
जंगल में छिपे थे लूट के राज
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर कटैया जंगल में छापेमारी कर रंगु कुमार और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की और अपने साथियों के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने जोरी थाना क्षेत्र के कंगुरुवा जंगल से प्रिंस कुमार यादव, अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से लूट में इस्तेमाल किया गया काला थार वाहन बरामद किया। वाहन का नंबर JH02BK0166 है।
रंगु कुमार के पास से 30 हजार रुपये, अभिषेक कुमार से 20 हजार रुपये और प्रिंस कुमार से 20 हजार रुपये बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कुल 70 हजार रुपये बरामद हुए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
अलग-अलग जिलों से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रंगु कुमार और अभिषेक कुमार गया जिले के धनगाई थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। प्रिंस कुमार यादव गया जिले के बाराचट्टी का निवासी है। वहीं अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र से जुड़े हैं।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
कार्रवाई में बड़नगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह, प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन, इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, वशिष्टनगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक शिवा यादव, तकनीकी शाखा के आरक्षी वीरेंद्र यादव और थाना सशस्त्र बल शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा बरामद हो सकेगा और घटना में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा।
