
चतरा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की ट्रैप कार्रवाई में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार चतरा अंचल कार्यालय के राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी के बाद सक्षम प्राधिकारी ने यह कार्रवाई की है। निलंबन प्रभावी रूप से 15 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक लागू रहेगा।प्राप्त आधिकारिक प्रतिवेदन के अनुसार, एसीबी हजारीबाग की ट्रैप टीम ने भ्र०नि० हजारीबाग थाना कांड संख्या-09/26, दिनांक 14 सितंबर 2026 के तहत कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान चतरा अंचल के हल्का-VII में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 7(a) के तहत दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद निलंबन की कार्रवाई
एसीबी की कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए सक्षम प्राधिकारी ने झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-9(2)(क) के तहत सतीश प्रसाद को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश के अनुसार वे 15 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक निलंबित रहेंगे।निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसका भुगतान झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-10 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
कारावास से मुक्त होने पर जिला स्थापना शाखा में देंगे योगदान
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। आदेश के मुताबिक, कारावास से मुक्त होने के बाद सतीश प्रसाद को जिला स्थापना शाखा, चतरा में योगदान देना होगा। इसके बाद उनके संबंध में विभागीय स्तर पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।एसीबी की ट्रैप कार्रवाई के बाद राजस्व उप निरीक्षक के निलंबन की कार्रवाई से अंचल कार्यालयों में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक सख्ती का संदेश गया है। हालांकि, रिश्वत के आरोप से जुड़े आपराधिक मामले में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी।
