
कान्हाचट्टी (चतरा): प्रखंड क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर पीएचईडी विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन पाइपलाइन बिछाने के दौरान हाल ही में बनी सड़कों को जगह-जगह खोद दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन सड़कों का निर्माण कुछ ही महीने पहले लाखों रुपये की लागत से हुआ था, वे अब खुदाई के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें उखड़ चुकी हैं, जिससे पैदल राहगीरों, बाइक सवारों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन स्थानों पर जलजमाव और फिसलन से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का वे स्वागत करते हैं, लेकिन एक विभाग की योजना के कारण दूसरे विभाग की नई सड़कें बर्बाद होना समझ से परे है। लोगों का सवाल है कि यदि पाइपलाइन बिछानी ही थी, तो पहले से समन्वित योजना बनाकर या वैकल्पिक तकनीक अपनाकर सड़कों को कम से कम नुकसान पहुंचाया जा सकता था। अब पूरे क्षेत्र में एक ही चर्चा है—सरकार पानी दे रही है या सड़कें छीन रही है ग्रामीणों ने मांग की है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराई जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
कान्हाचट्टी संवादाता नितेश कुमार सिंह
