
चतरा : भाजपा नेता एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीनिवास की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का प्रयास किया। हालांकि सदर थाना पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए कार्यकर्ताओं को पुतला दहन करने से रोक दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए केसरी चौक पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष सुमन सौरव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता केसरी चौक पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री का पुतला था और वे श्रीनिवास की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। जैसे ही कार्यकर्ता पुतला दहन की तैयारी करने लगे, पहले से तैनात सदर थाना पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं के हाथ से पुतला छीन लिया, जिसके बाद पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए पुतला दहन नहीं होने दिया। मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और श्रीनिवास की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुमन सौरव ने आरोप लगाया कि चतरा पुलिस राज्य सरकार के दबाव में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस हिटलरशाही रवैया अपना रही है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार का भी हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाकर उन्हें जेल भेजती रही है, उसी प्रकार झारखंड में भी हेमंत सोरेन सरकार भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। श्रीनिवास की गिरफ्तारी भी इसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। सुमन सौरव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस प्रकार के दमन से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इस तानाशाही सरकार को जवाब देगी। उन्होंने श्रीनिवास की शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी। दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुतला दहन की अनुमति नहीं दी और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन कार्रवाई की। पुलिस की सतर्कता के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया और बाद में कार्यकर्ता वहां से लौट गए।
