
Chatra : मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, चतरा के बैनर तले संचालित हस्तशिल्प विकास योजना एवं काष्ठ कला कौशल उन्नयन योजना के तहत प्रखंड चतरा और कान्हाचट्टी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक समापन किया गया। हस्तशिल्प विकास योजना के अंतर्गत चतरा भद्रकाली वुड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित काष्ठ कला लघु उत्पादन इकाई से जुड़े शिल्पकारों के कौशल विकास हेतु 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रखंड चतरा के पाराडीह ग्राम में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कुल 30 महिला हस्तशिल्पकारों को काष्ठ कला से संबंधित विभिन्न उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। इसी क्रम में काष्ठ कला कौशल उन्नयन योजना के तहत प्रखंड कान्हाचट्टी के चोरट ग्राम में 50 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 20 हस्तशिल्पकारों को काष्ठ कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत शनिवार को कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। समापन अवसर पर पाराडीह ग्राम (प्रखंड चतरा) में प्रशिक्षण प्राप्त सभी 30 महिला हस्तशिल्पकारों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, वहीं कान्हाचट्टी प्रखंड के चोरट ग्राम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि जिला उद्यमी समन्वयक हेमंत केसरी ने प्रशिक्षित हस्तशिल्पकारों के बीच टूलकिट एवं प्रमाणपत्रों का वितरण किया। यह प्रशिक्षण छोटानागपुर क्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी, रांची के प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिला हस्तशिल्पकारों ने लकड़ी से मोर, हाथी, घोड़ा, मां काली, भगवान कृष्ण, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा, अशोक स्तंभ, नेम प्लेट, पेन स्टैंड, ट्रे सहित विभिन्न आकर्षक उत्पादों के निर्माण की तकनीक सीखी। इस अवसर पर सरदार शिशुपाल सिंह एवं अरविंद कुमार, प्रखंड उद्यमी समन्वयक (चतरा) ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी हस्तशिल्पकारों को आगामी 23 से 25 मार्च तक चतरा स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री विश्वकर्मा मेले में अपने उत्पादों की बिक्री हेतु स्टॉल लगाने तथा नए अनुभव प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में चतरा भद्रकाली वुड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष रामसेवक राणा, सचिव सुषमा देवी, सीसीडीएस प्रशिक्षण एजेंसी के अब्दुल मसिर अंसारी सहित बड़ी संख्या में महिला काष्ठ कला हस्तशिल्पकार उपस्थित थे।
