
हजारीबाग के जामिया कंपाउंड स्थित सुफ़्फ़ा इंटरनेशनल स्कूल में प्रथम वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक संस्थान की स्थापना वर्ष 2025 में की गई तथा उसी वर्ष विद्यालय का विधिवत शैक्षणिक संचालन भी प्रारंभ हुआ। प्रथम वार्षिक समारोह का उद्देश्य संस्थान के शैक्षणिक मिशन को सुदृढ़ करना और समाज के समक्ष उसके विज़न को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना रहा। इस अवसर पर बताया गया कि विद्यालय के संस्थापक (Founder) प्रख्यात इस्लामी विद्वान मुफ्ती मोहम्मद यूनुस क़ासमी हैं, जबकि विद्यालय के निदेशक (Director) डॉ. अबू हुरैरा क़ासमी हैं, जो आधुनिक शिक्षा को इस्लामी मूल्यों के साथ समन्वित करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम का मुख्य विषय
“वर्तमान आधुनिक युग में इस्लामी शैक्षणिक वातावरण के अंतर्गत असरी (आधुनिक) शिक्षा की उपलब्धता समय की प्रमुख आवश्यकता है”
रहा। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते दौर में ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है, जो बच्चों को आधुनिक ज्ञान से सशक्त बनाने के साथ-साथ नैतिकता और इस्लामी संस्कारों से भी जोड़े।
वार्षिक उत्सव में अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं सामाजिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख अतिथियों में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर व रजिस्ट्रार डॉ. इनाम नबी सिद्दीकी, बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर जनाब अमीनउल्लाह खान, निदान नर्सिंग होम के चेयरमैन डॉ. इक़बाल फारूकी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद हजारीबाग के सचिव मौलाना शकील-उर-रहमान क़ासमी, मुनम पब्लिक स्कूल के सचिव क़ाज़ी मतीन-उल-हसन, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अनवर मलिक, रजिस्ट्रार सैयद उबैदुल्लाह हाशमी तथा जनाब मासूम खान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद यूनुस क़ासमी एवं निदेशक डॉ. अबू हुरैरा क़ासमी की शैक्षणिक सोच की सराहना करते हुए कहा कि सुफ़्फ़ा इंटरनेशनल स्कूल जैसे संस्थान समाज के उज्ज्वल, शिक्षित और चरित्रवान भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। यह कार्यक्रम दुआओं, प्रेरणादायक संदेशों और सकारात्मक वातावरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
