
हजारीबाग | शीतलहर और लगातार गिरते तापमान के बीच शहर में गरीब, असहाय और बेघर लोगों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ठंड के इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित बच्चे, बुजुर्ग और सड़क किनारे जीवन यापन करने वाले लोग हैं, जिनके पास न तो पर्याप्त गर्म कपड़े हैं और न ही सुरक्षित आश्रय। ऐसे हालात में नगर निगम की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निवर्तमान वार्ड पार्षद अनिल प्रसाद ने नगर निगम और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ठंड से बचाव के लिए अब तक कोई ठोस और प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
अनिल प्रसाद का कहना है कि गरीब और बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरण, गर्म कपड़ों की व्यवस्था और अलाव की व्यवस्था तत्काल जरूरी है। हालांकि नगर निगम और सरकार द्वारा हर वर्ष कंबल वितरण किया जाता है, लेकिन अक्सर इसमें देरी हो जाती है, जिसका खामियाजा असहाय लोगों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की है कि मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए और जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंचाई जाए। ठंड के इस मौसम में गरीब और असहायों की मदद करना समाज और प्रशासन, दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
