
Chatra : वर्षों से बदहाली,हादसों और कीचड़ की पहचान बन चुकी लावालौंग–पांकी मुख्य सड़क अब इतिहास बनने जा रही है।प्रखंड क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लंबे संघर्ष,आंदोलन और आवाज़ के बाद आखिरकार इस जर्जर सड़क के कायाकल्प पर मुहर लग गई है। डीएमएफटी फंड से 22 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है,जिससे पूरे क्षेत्र में राहत और उत्साह का माहौल है।यह सड़क वर्षों से लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी।रोजाना दुर्घटनाएं आम बात थीं।स्कूल जाने वाले बच्चों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता था।मरीजों की एंबुलेंस रास्ते में फंस जाती थी और किसानों की उपज बाजार तक पहुंचना चुनौती बन चुकी थी।बारिश के मौसम में सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाती थी।जिससे लावालौंग प्रखंड का संपर्क लगभग कट जाता था।ग्रामीणों की यह पीड़ा लगातार अखबारों की सुर्खियां बनी।खबरों के दबाव में जिला प्रशासन हरकत में आया।उपायुक्त ने जनप्रतिनिधियों से संवाद कर सड़क की भयावह स्थिति को समझा और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पहल की।लमटा पंचायत के मुखिया सह भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित कुमार चौबे ने बताया कि सांसद कालीचरण सिंह और विधायक कुमार उज्ज्वल दास के लगातार प्रयास से डीएमएफटी फंड से सड़क निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ।उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति जनप्रतिनिधियों की एकजुटता और जनता के संघर्ष का परिणाम है।सड़क की बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा कई बार सड़क पर फूटा।कीचड़ में धरना-प्रदर्शन,सड़क पर धान की रोपाई जैसे प्रतीकात्मक आंदोलनों ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया।इसके बाद विधायक कुमार उज्ज्वल दास के नेतृत्व में लमटा,कोलकोल,लावालौंग और मंघनिया पंचायत के मुखियाओं ने संयुक्त रूप से दो बार उपायुक्त से मिलकर सड़क निर्माण की मांग रखी।अमित चौबे ने बताया कि सांसद और विधायक ने लावालौंग दौरे के दौरान लोगों को भरोसा दिया था कि 15 जनवरी तक सड़क का शिलान्यास किया जाएगा।खरमास समाप्त होते ही 15 जनवरी को लावालौंग प्रखंड मुख्यालय में विधिवत शिलान्यास होगा।यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी,बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगी।
*रिपोर्टर मो0 साजिद*
